UA-170179527-1

Roza iftar karne ki dua

Roza iftar karne ki dua। रोज़ा इफ़्तार करने की दुआ

रमज़ान का मुबारक महीना हम सब के अंदर ईमान की एक नई रूह लेकर आता है। हम सब अल्लाह के हुक्म को पूरा करने के लिए रोज़ा रखते है।रोज़ा रखने से इंसान के अंदर परहेजगारी की सिफत पैदा होती है।सुबह की सेहरी से लेकर इफ़्तार करने तक हम अल्लाह कि रजा के लिए सब कुछ खाना पीना बंद कर देते है।मगरिब के वक्त जब मस्जिद से अज़ान कि आवाज़ आती है तब हम सब Roza iftar करते हैैं और उसके बाद दुआ पढ़ते है इन सब पूरे तरीके को करने के लिए अल्लाह के रसूल ने हमें कुछ दुआए बताई है।जैसे सेहरी करने कि दुआ, Roza iftar karne ki dua। यानी रोज़ा खोलने के बाद  दुआ पढ़ी जाती है। इस टॉपिक में हम Roza iftar karne ki dua और अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद के बारे में जानेंगे।

 

Roza iftar kis cheez se kare

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जब तुम रोजा खोलने लगो तो खजूर से इफ़्तार करो क्यूंकि खजूर सरापा बरकत है,अगर खजूर ना मिले तो पानी से रोज़ा खोल लो,क्योंकि वो ज़ाहिर और बतिन दोनों को पाक करने वाला है।

iftar

रोज़ा इफ़्तार करने में जल्दी करना

नबी रहमत सल्ला वाले वसल्लम ने फरमाया लोग हमेशा खैर पर रहेंगे जब तक इफ़्तार में वह जल्दी करते रहेंगे।यानी सूरज डूबते ही रोज़ा खोल लिया करेंगे (बुखारी,मुस्लिम)

 

नबी ए अकरम सल्लाल्लहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि अल्लाह ताला फरमाते है की बन्दों ने मुझे सबसे ज़्यादा प्यारा वो है जो इफ़्तार ने सब से ज़्यादा करने वाला है।यानी गुरूब आफ़ताब होते ही फ़ौरन इफ़्तार करता है और उसे उस में जल्दी का खूब इहतिमाम रहता है।(तिरमिज़ी)

 

Roza iftar karne ki dua

पहली दुआ…

 

हज़रत इब्ने उमर र.अ. फरमाते हैं कि रसूलुल लाह स.अ. जब भी इफ़्तार करते तो फरमाते :

 

 

Dua In Hindi :

 ज़हाबज़ ज़मउ वब तल्लतिल उरूक़ु व सबातल अजरु इंशा अल्लाह

 

Dua In English :

 Zahabaz Zamau Wab Tallatil Urooqu Wa Sabatal Ajru Insha Allah

 

Translation : प्यास जाती रही, रगें तर हो गयीं, और अज्र इंशा अल्लाह साबित हो गया

 

Roza iftar karne ki dua

 दूसरी दुआ…

 

हज़रत मआज़ बिन ज़ुहरा फरमाते हैं कि जब नबी करीम स.अ. रोज़ा इफ़्तार फरमाते तो ये दुआ पढ़ते

 

 

Dua In Hindi : अल्लाहुम्मा लका सुम्तु व बिका आमन्तु व अला रिज़ किका अफ्तरतु बिरह मतिका या अरहमर रा हिमीन ।

 

Dua In English :

Allahumma Inni Laka Sumtu Wabika Aamantu Wa Alaika Tawakkaltu Wa Ala Rizqika Aftartu

 

Translation : ए अल्लाह ! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, और तुझ ही पर  ईमान लाया, और  तुझ ही पर तवक्कुल किया, और तेरे ही रिज्क से इफ़्तार किया |

  • 56
    Shares

1 thought on “Roza iftar karne ki dua”

Leave a Comment