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Surah Ikhlaas in hindi

surah Ikhlaas in hindi

Surah Ikhlaas in hindi

बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम

#1-कुल हु अल्लाहु अहद

कह दो कि अल्लाह एक है,अकेला है

#2-अल्ला हुस्समद

अल्लाह सब से ने नियाज़ है

#3-लम यालिद वलम यूलद

ना उसकी कोई औलाद है,ना वो किसी की औलाद है।

#4-वलम यकुल लहू कुफु वन अहद

उसके बराबर कोई नहीं।

Surah Ikhlaas in English text

Bismillah hirrahma nirraheem

#1-Kul huwallahu ahad

Kah do ki Allah ek hai, akela hai।

#2-Alla hussamad

Allah sab se be niyaaz hai।

#3-Lam yalid walam yulad

Na uski koi aulad hai ,na wo kisi ki aulad hai

#4-Walam yakul lahu kufuwan ahad

Uske barabar koi nahi

Surah Ikhlaas ki Tafseer

Surah Ikhlaas मक्के में नाजिल हुई इसमें चार आयतें और एक रुकु है।इसमें खालिस तोहिद बयान की गई है अल्लाह की वहदानियत बयान की गई है जो शख्स भी उसे समझ कर इसकी तालीम पर ईमान ले आएगा वह शिर्क से निजात पा जाएगा

यह सूरत मक्का के बिल्कुल शुरू दौर में नाजिल हुई है उस वक्त तक अल्लाह ताला की जात उसे सिफात के बारे में कुरान की कोई ऐसी आयत नाजिल नहीं हुई थी और मोहम्मद सल्लल्लाहो वाले वसल्लम लोगों को एक अल्लाह की वाहिद बंदगी की दवा देने लगे थे जिसको सुनकर अरब के लोग यह मालूम करना चाहते थे कि आखिरकार तुम्हारा रब कैसा है? किस चीज से बना हुआ है? जिसकी बंदगी और इबादत की तरफ आप तमाम लोगों को बुलाते हैं

रिवायत से मालूम होता है कि मुख्तलिफ मौकों पर और कुछ खास लोगों ने आपसे आपके रब के बारे में पूछा उसके जवाब में आप ने फरमाया कि मेरा रब किसी चीज से नहीं बना बल्कि वह तमाम चीजों से अलग है कोई नया रब नहीं है वह वही है जिसे तुम सारी कायनात का खालिक, मालिक और इसके रोजी देने वाला और मुसीबत के वक्त अपने बंदों की मदद करने वाला कहते हो जो सब पर ग़ालिब है

इस सूरत में तोहिद के बारे में बताया गया है। और इस्लाम का बुनियादी अकीदा तोहिद है जिसे सिर्फ चार जुमलो में बयान कर दिया गया है ताकि आसानी से इंसानों के जेहन में यह बात बैठ जाए और जबानों पर आसानी से चढ़ जाए

नबी अकरम सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम को अल्लाह ताला ने हुक्म दिया कि उनसे कहो वह कोई नहीं बल्कि वही अकेला रब है जो सबको पैदा करने वाला है, सबका मालिक है, वही सब को रिज्क देता है, जिसे तुम खुद भी मानते हो जिसका कोई शरीक़ नहीं वही हमेशा से है और हमेशा रहेगा, वही सबसे आला है, सब उसके मोहताज हैं वह किसी का मोहताज नहीं, उसकी कोई औलाद नहीं और ना ही वह किसी की औलाद है, सारी कायनात में कोई नहीं और ना कभी था और ना कभी हो सकता है जो अल्लाह ताला के बराबर हो सके, उसके सिफात के बराबर हो सके उसके साथ में शरीक हो सके बस वही अकेला अल्लाह है उसी की इबादत और बंदगी करनी चाहिए, और उसी पर भरोसा करके अपनी तमाम जरूरी हाजात तलब करनी चाहिए और हर हाल में सिर्फ उसी से मदद मांगना चाहिए दूसरे बुजुर्गों के आगे हाथ फैलाना शिरक है।

कुरान मजीद जिस दिन को पेश करता है उसकी बुनियाद 3 चीज़ों पर हैं

नंबर 1 तौहीद

नंबर 2 रिसालत

नंबर 3 अखिरत

Surah Ikhlaas सिर्फ तौहीद को बयान करती है इसलिए आपने यह भी फरमाया कि जो इस सूरत को पढ़ने से मोहब्बत रखता हो अल्लाह ताला उसको महबूब रखता है।

Conclusion

आज हमने Surah Ikhlaas in hindi और उसका तर्जुमा और तफसीर के बारे में जाना की अल्लाह ताला ने Surah Ikhlaas को क्यों। नाजिल किया।

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Jazakallah hu khair

Charo qul in hindi translation

charo qul in hindi translation

Charo qul in hindi

Aaj hum quran ki bahut hi khaas suraton ke bare me jo ki har musalman ko zabani yaad bhi hoti hai aur har namaz me aksar log in suraton ko padhte hain. choti suratein hain yaad karne me aasan hai, jisko hum sab 4 qul ke naam se jante hain, to aaj ka topic Charo qul in hindi translation ke is topic me janege un 4 suraton ke baare me aur uske tarjume ke baare me.

No-1 Surah kafiron। सूरह काफिरून

बिस्मिल्ला- हिररह्मनिर्रहीम

1-कुल या अय्यूहल काफिरून

2-ला आ- बुदू मा ता’बुदून

3-वला अंतुम आ बि दूना मा आबुद

4-वला अना आबिदुम मा आ बद्दतुम

5-वला अंतुम आ बि दूना मा आबुद

6-लकुम दीनुकुम वलिया दीन

Surah kafiron ka tarjuma

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

(आप) कह दीजिए कि ऐ काफिरों (इनकार करने वालों)

ना मैं इबादत करता हूं उसकी जिसकी इबादत तुम करते हो

और ना तुम इबादत करने वाले हो उसकी जिसकी मैं करता हूं

और ना मैं इबादत करूंगा उसकी जिसकी तुम करते हो

और ना तुम उसकी इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत कर रहा हूं

तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन है,और मेरे लिए मेरा दीन है

No-2 Surah ikhlaas। सूरह इखलास

बिस्मिल्ला- हिर्रह्मनिर्रहीम

1-कुल हुवल्लाहु अहद

2-अल्लाहुस्समद

3-लम यलिद वलम यूलद

4-वलम यकूल लहू कुफुवन अहद

Surah ikhlaas ka tarjuma

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

((ऐ रसूल) आप कह दीजिये अल्लाह ताला एक ही है )

अल्लाह ताला बेनियाज़ है

न उससे कोई पैदा हुआ और न वो किसी से पैदा हुआ 

न ही कोई उसका कोई हमसर (बराबर) है

No-3 Surah falaq। सूरह फ़लक

बिस्मिल्ला- हिर्रह्मनिर्रहीम

1-कुल आ ऊजू बिरब्बिल फलक

2-मिन शर्री मा खलक़

3-वा मिन शर्री गासिकिन इजा वकब

4-वा मिन शर्रीन नाफ्फासाती फिल उकद

5-वा मिन शर्री हसिदिन इज़ा हसद

Surah falaq ka tarjuma

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

कह दो कि मैं सुबह को पैदा करने वाले रब की कसम खाता हूं

उसकी पैदा की हुई हर तरह के मखलूक के शर से बचने के लिए

और अंधेरी रात के शर से जब वो सिमट कर चा जाए

और गंडों पर फूंक मारने वालियों के शर से बचने के लिए

और हसद करने वालों के शर से जब वो हसद करें

No-4 Surah Naas। सूरह नास

बिस्मिल्ला- हिर्रह्मनिर्रहीम

1-कुल आउज़ू बी रब्बिन्नास

2-मलिकिन- नास

3-इलाहिन- नास

4-मिन शर्रिल वास्वसिल खन्नास

5-अल- लजी युवास्विसू फी सुदुरिन्नास

6-मीनल जिन्नती वन्नास

Surah naas ka tarjuma

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो बहुत ही मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

आप कह दीजिए की मैं लोगों के पालनहार की पनाह में आता हूं

लोगों के मालिक की (और)

लोगों के माबूद की (पनाह में)

वस्वसा डालने वाले और पीछे हट जाने वाले के शर से

जो लोगों के दिलो में वस्वसा डालता है

चाहे वो इंसानों में से हो या जिन्नातों में से

Charo qul in hindi translation में क़ुरान शरीफ की चार बहुत ही मशहूर सूरह के बारे में पढ़ा और जाना चारो कुल अहमियत और फजीलत बहुत ही ज़्यादा है। 

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Surah Yaseen in hindi text

surah yaseen in hindi text

Surah Yaseen in hindi text

Surah Yaseen in hindi text, Surah Yaseen makkah me nazil hui, jab makka ke kafir aap sallallahu alayhi wasallam per zulm aur mazak kar rahe the aur quran ko allah ki kitab aur aap ko rasool manne se sakshti se inkar kar rahe the usi dauraan Surah Yaseen nazil hui.

बिस्मिल्लाह हिर्रमा निर्रहीम

#1- यासीन

#2- वल कुर आनिल हकीम

#3- इन्नका लमिनल मुरसलीन

#4- अला सिरातिम मुस्तकीम

#5- तनजीलल अजीज़िर रहीम

#6-लितुन ज़िरा कौमम मा उनज़िरा आबाउहुम फहुम गाफिलून

#7- लकद हक कल कौलु अला अकसरिहिम फहुम ला युअमिनून

#8- इन्ना ज अलना फी अअना किहिम अगलालन फहिया इलल अजकानि फहुम मुकमहून

#9- व जअल्ना मिम बैनि ऐदी हिम सद्दव वमिन खलफिहिम सद्दन फ अग शयनाहुम फहुम ला युबसिरून

#10- वसवाउन अलैहिम अअनजर तहुम अम लम तुनजिरहुम ला युअमिनून

#11- इन्नमा तुन्ज़िरू मनित तब अर ज़िकरा व खाशियर रहमान बिल्गैब फबश्शिर हु बिमग फिरतिव व अजरुन करीम

#12- इन्ना नहनू नुहयिलल मौता वनकतुबु मा क़द्दमु व आसाराहुम वकुल्ला शयइन अहसयनाहु फी इमामिम मुबीन

#13- वज़ रिब लहुम मसलन असहाबल करयह इज़ जा अहल मुरसळून

#14- इज़ अरसलना इलयहिमुस नैनी फकज जबूहुमा फ अज़्ज़ज़ना बिसा लिसिन फकालू इन्ना इलयकुम मुरसळून

#15- कालू मा अन्तुम इल्ला बशरुम मिसळूना वमा अनजलर रहमानु मिन शय इन इन अन्तुम इल्ला तकज़िबुन

#16- क़ालू रब्बुना यअलमु इन्ना इलयकुम लमुरसळून

#17- वमा अलैना इल्लल बलागुल मुबीन

#18- कालू इन्ना ततैयरना बिकुम लइल लम तनतहूँ लनरजु मन्नकूम वला यमस सन्नकुम मिन्ना अज़ाबुन अलीम

#19- कालू ताइरुकुम म अकुम अइन ज़ुक्किरतुम बल अन्तुम क़ौमूम मुस रिफून

#20- व जा अमिन अक्सल मदीनति रजुलुय यसआ काला या कौमित त्तबिउल मुरसलीन

#21- इत तबिऊ मल ला यस अलुकुम अजरौ वहुम मुहतदून

#22- वमालिया ला अअबुदुल लज़ी फतरनी व इलैहि तुरजऊन

#23- अ अत्तखीज़ु मिन दुनिही आलिहतन इय युरिदनिर रहमानु बिजुर रिल ला तुगनी अन्नी शफ़ा अतुहुम शय अव वला यूनकिजून

#24- इन्नी इज़ल लफी ज़लालिम मुबीन

#25- इन्नी आमन्तु बिरब बिकुम फसमऊन

#26- कीलद खुलिल जन्नह काल यालयत क़ौमिय यअलमून

#27- बिमा गफरली रब्बी व जअलनी मिनल मुकरमीन

#28- वमा अन्ज़लना अला क़ौमिही मिन बअ दिही मिन जुन्दिम मिनस समाइ वमा कुन्ना मुनजलीन

#29- इन कानत इल्ला सैहतौ वाहिदतन फ इज़ा हुम् खामिदून

#30- या हसरतन अलल इबाद मा यअ तीहिम मिर रसूलिन इल्ला कानू बिहा यस तहज़िउन

#31- अलम यरव कम अह्लकना क़ब्लहुम मिनल कुरूनी अन्नहुम इलय्हीम ला यर जिउन

#32- वइन कुल्लुल लम्मा जमीउल लदेना मुह्ज़रून

#33- व आयतुल लहुमूल अरज़ुल मयतह अह ययनाहा व अखरजना मिन्हा हब्बन फमिनहु यअ कुलून

#34- व ज अलना फीहा जन्नातिम मिन नखीलिव व अअनाबिव व फज्जरना फीहा मिनल उयून

#35- लियअ कुलु मिन समरिही वमा अमिलत हु अयदी हिम अफला यशकुरून

#36- सुब्हानल लज़ी ख़लक़ल अज़वाज कुल्लहा मिममा तुमबितुल अरज़ू वमिन अनफूसिहिम वमिम मा ला यअलमून

#37- व आयतुल लहुमूल लैल नसलखु मिन्हुन नहारा फइज़ा हुम् मुजलिमून

#38- वश शमसु तजरी लिमुस्त कररिल लहा ज़ालिका तक़्दी रूल अज़ीज़िल अलीम

#39- वल कमर कद्दरनाहु मनाज़िला हत्ता आद कल उरजुनिल क़दीम

#40- लश शम्सु यमबगी लहा अन तुद रिकल कमरा वलल लैलु साबिकुन नहार वकुल्लुन फी फलकिय यसबहून

#41- व आयतुल लहुम अन्ना हमलना ज़ुररिय यतहूम फिल फुल्किल मशहून

#42- व खलकना लहुम मिम मिस्लिही मा यरकबून

#43- व इन नशअ नुगरिक हुम फला सरीखा लहुम वाला हुम युन्क़जून

#44- इल्ला रह्मतम मिन्ना व मताअन इलाहीन

#45- व इजा कीला लहुमुत तकू मा बैना ऐदीकुम वमा खल्फकुम ला अल्लकुम तुरहमून

#46- वमा तअ तीहिम मिन आयतिम मिन आयाति रब्बिहिम इल्ला कानू अन्हा मुअ रिजीन

#47- व इज़ा कीला लहुम अन्फिकू मिम्मा रजका कुमुल लाहू कालल लज़ीना कफरू लिल लज़ीना आमनू अनुत इमू मल लौ यशाऊल लाहू अत अमह इन अन्तुम इल्ला फ़ी ज़लालिम मुबीन

#48- व यकूलूना मता हाज़ल व अदू इन कुनतुम सादिक़ीन

#49- मा यन ज़ुरूना इल्ला सयहतव वहिदतन तअ खुज़ुहुम वहुम याखिस सिमून

#50- फला यस्ता तीऊना तव सियतव वला इला अहलिहीम यरजिऊन

#51- व नुफ़िखा फिस सूरि फ़इज़ा हुम मिनल अज्दासी इला रब्बिहीम यन्सिलून

#52- कालू या वय्लना मम ब असना मिम मरक़दिना हाज़ा मा व अदर रहमानु व सदकल मुरसलून

#53- इन कानत इल्ला सयहतव वहिदतन फ़ इज़ा हुम जमीउल लदयना मुहज़रून

#54- फल यौम ला तुज्लमू नफ्सून शय अव वला तुज्ज़व्ना इल्ला बिमा कुंतुम तालमून

#55- इन्ना अस हाबल जन्न्तिल यौमा फ़ी शुगुलिन फाकिहून

#56- हुम व अज्वा जुहूम फ़ी ज़िलालिन अलल अरा इकि मुत्तकिऊन

#57- लहुम फ़ीहा फाकिहतुव वलहुम मा यद् द ऊन

#58- सलामुन कौलम मिर रब्बिर रहीम

#59- वम ताज़ुल यौमा अय्युहल मुजरिमून

#60- अलम अ अहद इल्य्कुम या बनी आदम अल्ला तअ बुदुश शैतान इन्नहू लकुम अद्व्वुम मुबीन

#61- व अनि अ बुदूनी हज़ा सिरातुम मुस्तक़ीम

#62- व लक़द अज़ल्ला मिन्कुम जिबिल्लन कसीरा अफलम तकूनू ता किलून

#63- हज़िही जहन्नमुल लती कुन्तुम तू अदून

#64- इस्लौहल यौमा बिमा कुन्तुम तक्फुरून

#65- अल यौमा नाख्तिमु अल अफ्वा हिहिम व तुकल लिमुना अयदीहीम व तश हदू अरजू लुहुम बिमा कानू यक्सिबून

#66- व लौ नशाउ लत मसना अला अ अयुनिहीम फ़स तबकुस सिराता फ अन्ना युबसिरून

#67- व लौ नशाउ ल मसखना हुम अला मका नतिहिम फमस तताऊ मुजिय यौ वला यर जिऊन

#68- वमन नुअमिर हु नुनक किस हु फिल खल्क अफला या किलून

#69- वमा अल्लम नाहुश शिअरा वमा यम्बगी लह इन हुवा इल्ला जिक रुव वकुर आनुम मुबीन

#70- लियुन जिरा मन काना हय्यव व यहिक कल कौ लु अलल काफ़िरीन

#71- अव लम यरव अन्ना खलक्ना लहुम मिम्मा अमिलत अय्दीना अन आमन फहुम लहा मालिकून

#72- व ज़ल लल नाहा लहुम फ मिन्हा रकू बुहुम व मिन्हा यअ कुलून

#73- व लहुम फ़ीहा मनफ़िउ व मशारिबु अफला यश्कुरून

#74- वत तखजू मिन दूनिल लाहि आ लिहतल ला अल्लहुम युन्सरून

#75- ला यस्ता तीऊना नस्र हुम वहुम लहुम जुन्दुम मुह्ज़रून फला यह्ज़ुन्का क़व्लुहुम इन्ना न अलमु मा युसिर रूना वमा युअलिनून

#76- अव लम यरल इंसानु अन्ना खलक्नाहू मिन नुत्फ़ तिन फ़ इज़ा हुवा खासीमुम मुबीन

#77- व ज़रबा लना मसलव व नसिया खल्कह काला मय युहयिल इजामा व हिय रमीम

#78- कुल युहयीहल लज़ी अनश अहा अव्वला मर्रह वहुवा बिकुलली खल किन अलीम

#79- अल्लज़ी जअला लकुम मिनश शजरिल अख्ज़रि नारन फ़ इज़ा अन्तुम मिन्हु तूकिदून

#80- अवा लैसल लज़ी खलक़स समावाती वल अरज़ा बिका दिरिन अला य यख्लुका मिस्लहुम बला वहुवल खल्लाकुल अलीम

#81- इन्नमा अमरुहू इज़ा अरादा शय अन अय यकूला लहू कुन फयकून

#82- फसुब हानल लज़ी बियदिही मलकूतु कुल्ली शय इव व इलैही तुरज उन

 

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agar aapko Surah Yaseen in hindi text me padh kar dil ko rahat mahsoos hui ho to apne dosto ke saath share karna na bhoolen.

jazakallah hu khair

Surah Muzammil in hindi text

surah muzammil in hindi text

Surah Muzammil Hindi and Arabic Text

YE surah Surah Muzammil makka me nazil hui isme 20 ayatein hain aur 2 ruku hai. Surah muzammil ki shuru ki ayaton se ye pata chalta hai ki ye surah Naboowat ke shuru daur (period) me nazil hui.

Surah Muzammil in Arabic text

بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیْمِ

یٰۤاَیُّهَا الْمُزَّمِّلُۙ(۱)

 قُمِ الَّیْلَ اِلَّا قَلِیْلًاۙ(۲)

 نِّصْفَهٗۤ اَوِ انْقُصْ مِنْهُ قَلِیْلًاۙ(۳)

 اَوْ زِدْ عَلَیْهِ وَ رَتِّلِ الْقُرْاٰنَ تَرْتِیْلًاؕ(۴)

 اِنَّا سَنُلْقِیْ عَلَیْكَ قَوْلًا ثَقِیْلًا(۵)

 اِنَّ نَاشِئَةَ الَّیْلِ هِیَ اَشَدُّ وَطْاً وَّ اَقْوَمُ قِیْلًاؕ(۶)

 اِنَّ لَكَ فِی النَّهَارِ سَبْحًا طَوِیْلًاؕ(۷)

 وَ اذْكُرِ اسْمَ رَبِّكَ وَ تَبَتَّلْ اِلَیْهِ تَبْتِیْلًاؕ(۸)

 رَبُّ الْمَشْرِقِ وَ الْمَغْرِبِ لَاۤ اِلٰهَ اِلَّا هُوَ فَاتَّخِذْهُ وَكِیْلًا(۹)

 وَ اصْبِرْ عَلٰى مَا یَقُوْلُوْنَ وَ اهْجُرْهُمْ هَجْرًا جَمِیْلًا(۱۰)

 وَ ذَرْنِیْ وَ الْمُكَذِّبِیْنَ اُولِی النَّعْمَةِ وَ مَهِّلْهُمْ قَلِیْلًا(۱۱)

 اِنَّ لَدَیْنَاۤ اَنْكَالًا وَّ جَحِیْمًاۙ(۱۲)

 وَّ طَعَامًا ذَا غُصَّةٍ وَّ عَذَابًا اَلِیْمًاۗ(۱۳)

 یَوْمَ تَرْجُفُ الْاَرْضُ وَ الْجِبَالُ وَ كَانَتِ الْجِبَالُ كَثِیْبًا مَّهِیْلًا(۱۴) 

اِنَّاۤ اَرْسَلْنَاۤ اِلَیْكُمْ رَسُوْلًا شَاهِدًا عَلَیْكُمْ كَمَاۤ اَرْسَلْنَاۤ اِلٰى فِرْعَوْنَ رَسُوْلًاؕ(۱۵) 

فَعَصٰى فِرْعَوْنُ الرَّسُوْلَ فَاَخَذْنٰهُ اَخْذًا وَّبِیْلًا(۱۶)

 فَكَیْفَ تَتَّقُوْنَ اِنْ كَفَرْتُمْ یَوْمًا یَّجْعَلُ الْوِلْدَانَ شِیْبَاۗۖ(۱۷)

 السَّمَآءُ مُنْفَطِرٌۢ بِهٖؕ-كَانَ وَعْدُهٗ مَفْعُوْلًا(۱۸) 

اِنَّ هٰذِهٖ تَذْكِرَةٌۚ-فَمَنْ شَآءَ اتَّخَذَ اِلٰى رَبِّهٖ سَبِیْلًا۠(۱۹) 

اِنَّ رَبَّكَ یَعْلَمُ اَنَّكَ تَقُوْمُ اَدْنٰى مِنْ ثُلُثَیِ الَّیْلِ وَ نِصْفَهٗ

وَ ثُلُثَهٗ وَ طَآىٕفَةٌ مِّنَ الَّذِیْنَ مَعَكَؕ-وَ اللّٰهُ یُقَدِّرُ الَّیْلَ وَ النَّهَارَؕ-عَلِمَ اَنْ لَّنْ تُحْصُوْهُ فَتَابَ عَلَیْكُمْ فَاقْرَءُوْا مَا تَیَسَّرَ مِنَ الْقُرْاٰنِؕ

عَلِمَ اَنْ سَیَكُوْنُ مِنْكُمْ مَّرْضٰىۙ-وَ اٰخَرُوْنَ یَضْرِبُوْنَ فِی الْاَرْضِ یَبْتَغُوْنَ مِنْ فَضْلِ اللّٰهِۙ-وَ اٰخَرُوْنَ یُقَاتِلُوْنَ فِیْ سَبِیْلِ اللّٰهِ

فَاقْرَءُوْا مَا تَیَسَّرَ مِنْهُۙ-وَ اَقِیْمُوا الصَّلٰوةَ وَ اٰتُوا الزَّكٰوةَ وَ اَقْرِضُوا اللّٰهَ قَرْضًا حَسَنًاؕ-

وَ مَا تُقَدِّمُوْا لِاَنْفُسِكُمْ مِّنْ خَیْرٍ تَجِدُوْهُ عِنْدَ اللّٰهِ هُوَ خَیْرًا وَّ اَعْظَمَ اَجْرًاؕ-وَ اسْتَغْفِرُوا اللّٰهَؕ-اِنَّ اللّٰهَ غَفُوْرٌ رَّحِیْمٌ۠(۲۰)

Surah Muzammil in hindi text

बिस्मिल्ला हिररह्मनिर्रहीम

#1- या अय्युहल मुज्जम्मिल

#2- कुमिल लयला इल्ला कलीला

#2- निस्फाहू अविंकिस मिन्हु कलीला

#3- अव ज़िद अलयही वरत्तिलील क़ुर आना तरतीला

#4- इन्ना सनुल्की अलयका कौलन सकीला

#5- इन्ना नाशियतल लयलि हिया अशद्दु वत अंवं व अक्वामु कीला

#6- इन्ना लका फिन्नहारी सब हन तवीला

#7- वज़ कुरिस्मा रब्बिका वता बत्तिल इलयही तबतीला

#8- रब्बुल मश्रिकी वल मगरिबी ला इलाहा इल्ला हुआ फत्तखिजहु वकीला

#9- वस्बिर अला मा यकूलूना वहजुरहुम हजरं जमीला

#10- वजरनी वल मुकज्जिबीना उलिन नियमती वा महहिल्हुम कलीला

#11- इन्ना लदयना अनकालौं वा जहीमा

#12- वता आमं जा गुस्सा तिंव वा अज़ाबन अलीमा

#13- याैमा तरजूफुल आरज़ू वल जीबालु वकानातिल जीबलु कसी बम महीला

#14- इन्ना अर्सलना इलयकुम रसूला शाहिदन अल्यकुम कमा अरसलना इला फिरौना रसूला

#15- फ़ असा फिरऔनुर रसूला फा़ अखजनाहू अखजौं वबिला

#16- फकैफा तत्तकूना इन कफर्तुम यौमैं यज अलुल विल्दा नसीबा

#16- अस्समाऊ मुन फतिरूम बिही काना वा दुहू मस ऊला

#17- इन्ना हाजिही तज किरह फमन शा अत्तखाजा इला रब्बिही सबीला

#18- इन्ना रब्बका यालमु अन्नका तकूमु अदना मिन सुलू सैयिल लयली वानिस्फाहु वा सुलुसहू वता इफातुम मिनल लजीना मा अक , वललाहु युकद्दिरुल लईला वन नहार, अलिमा अल्लन तुहसूहू फताबा अलयकुम फक़ रऊ मा तयास्सरा मिनल क़ुरआन,

अलिमा अन सयाकूनु मिन्कुम मरजा व आखरूना यजरिबूना फ़िल अरज़ि यब्तगूना मिन फजलिल लाहि व आख़रूना युकातिलूना फ़ी सबीलिल लाहि,फकरऊ मा तयस्सरा मिनहु व अक़ीमुस सलाता व आतुज़ ज़काता व अकरिजुल लाहा करजन हसना,

वमा तुक़ददिमू लि अन्फुसिकुम मिन खैरिन तजिदूहू इन्दल लाहि हुवा खैरव व अ’अज़मा अजरा वस ताग्फिरुल लाह इन्नल लाहा गफूरुर रहीम ।

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  Ye post Surah Muzammil in hindi text specially un logon ke liye ki gayi hai jo bhai arabic text me quran nahi padh pate hai ya unko padhne me dikkat hoti hai unke liye wo log bhi quran ki kuch khaas suraton ko padhne ka azr aur sawab hasil kar sake. 

 Agar aapko ye post acchi lagi ho to apne dosto ke saath zaroor share karen.

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Surah lahab in hindi

Surah lahab in hindi

Surah lahab in hindi

Surah lahab मक्के में नाजिल हुई इस सूरत में 5 आयतें हैं। Surah lahab in hindi में आप सल्लल्लाहू अलैहि वल्लम के चचा और उसकी बीवी ने जो ज़ुल्म सितम किए उसका अंजाम बयान किया गया है।

बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम

  • शूरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है
  • तब्बत यदा अबी लहा बिंव वा तब्ब
  • अबू लहब के दोनो हाथ टूट गए और वो हलाक (बरबाद) हो गया।
  • मा अग्ना अन्हु मलुहू वामा कसाब
  • उस का माल और जो कुछ भी उसने कमाया था उस के काम नहीं आया।
  • सयस्ला नारन ज़ा ता लहब।
  • वो जहन्नुम की भड़कती आग में जा गिरे गा।
  • वामरातुहू हम्मा लतल हतब।
  • उसकी बीवी जो ईधन उठाए फिरती है।
  • फी जीदिहा हब्लुम मिम मसाद।
  • उसके गरदन में बटी हुई रस्सी पड़ी हुई है।

Surah lahab ki Tafseer

ये सूरत उस वक़्त उतरी जब अल्लाह के रसूल की दुश्मनी में लोग हद से आगे बढ़ गए थे।सारे अरब में अशांति का माहौल था।और कुरैश के लोगों को Shob e Abi Talib की घाटी में क़ैद कर दिया गया था।

उस वक़्त किसी की जान और माल की कोई कीमत नहीं थी ।लेकिन रिश्तेदारों के साथ ठीक तरह से मिलने जुलने का बहुत ज़्यादा रीवाज था और इसे बहुत ही अच्छा माना जाता था।

जब अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम दीन की दावत के कर उठे तो उस वक़्त कुरैश खानदान के 2 सरदरों ने तो आपको बहुत सख़्त मुखालिफत की लेकिन बनी हाशिम और bani muttalib aap ko मुखालिफत नहीं को बल्कि आप की मदद की जबकि उसमें से बहुत से लोग अभी भी ईमान नहीं लाए थे।

उसी खानदान का एक आदमी जिसका नाम अबू लहब था ये आपकी दुश्मनी में हद से आगे बढ़ गया था।आप के उपर तरह तरह के ज़ुल्म करता । जब आप किसी मजलिस को मुखातिब होते तो ये कमीना शख़्स आप पर पत्थर फेंकता था। जिससे आपके पैर मुबारक खून से भर जाते थे।

ये शख़्स आपका मज़ाक उड़ाता दीवाना,झूठा, और बे दीन कहता आप जब लोगों को अल्लाह के अजाब से डराते तो ये आदमी कहता कि मेरे पास बहुत माल है मै पैसा देकर अजाब से छुटकारा हासिल कर लूंगा।

उसकी बीवी भी इस मिशन में अबू लहब के साथ थी । उसकी बीवी रातों को अल्लाह के रसूल के घर के सामने कांटे दार लकड़ियां रख देती जिससे आपके घर के लोगों को तकलीफ़ पहुंचे।

अल्लाह के रसूल सलल्लाहू अलैहि वसल्लम के नबी बनने से पहले आपकी 2 बेटियां अबू लहब के 2 बेटों से शादी हुई थी।अबू लहब ने दोनों बेटों को मजबूर करके दोनों बेटों को तलाक़ दिलवा दी।और अपनी जिहालत से बहुत आगे बढ़ गया।

जब आप सलल्लाहु अलैहि वसल्लम के बेटे कासिम raziallahu anhu ka इंतिक़ाल हुआ तो उसने खुशियां मनाई और कुरैश के दूसरे सरदारों को बताया कि अब इनकी नसल ख़त्म हो गई।

जब कुरैश के लोगों ने नबी के खानदान वालों को Shob  E Abitalib में क़ैद कर दिया और सारे सम्बंध तोड़ दिया यहां तक कि लोगों को अपवास रखने की नौबत आ गई उस वक़्त इसने दुश्मन का साथ दिया।

वैसे अबू लहब आप सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम का चाचा था।और पूरे सोसाइटी का चौधरी और मालदार था।

आप सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम जब दीन की दावत देते तो अबू लहब और उसकी बीवी उम्मे जमील ने बहुत ज़ोर लगाया और दीन की दावत में रूकावटें लाती रहीं।

जंगे बद्र के सात दिन के बाद इसे एक ख़तरनाक बीमारी लग गई और इस मर्ज के दार से उसके घर वालों ने उसका साथ छोड़ दिया।और बिल्कुल अलग कर दिया। वो वहीं मर गया कोई करीब तक नहीं आया।3 दिन के बाद उसकी सडी हुई लाश को मज़दूरों ने उठा कर दूर जाकर गढ्ढे में डाल दिया । ना उसका माल और ना ही उसकी कोई औलाद उसके काम आया।

इस तरह लोगों ने देखा कि अबू लहब नबी के घराने को मिटाने चला था आज खुद ही मिट गया।और जिस पर वो घमंड करता था वो टूट कर रह गया।

इसी तरह आगे उसकी बीवी के बारे में बताया गया है कि उसकी बीवी के गले में लोहे का तौक होगा।और वो इसी तरह अपने शौहर की आग को कांटे दार लकड़ियों से तेज़ करती रहेगी।

दोनों अल्लाह की आग में हमेशा जलते रहेंगे।इस औरत की मौत भी इसी तरह आयी थी रस्सी का फंदा उसके गले में फंस गया और वो मर गई।ये थी सूरह लहब की तफसीर और शाने नुजूल।

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उम्मीद करते है कि Surah lahab in hindi आपको बहुत कुछ समझ में आया होगा। अगर आपको ये पोस्ट पसंद आयी हो तो अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें ।ताकि दीन कि बात ज़्यादा लोगों तक पहुंच सके।

 

Surah mulk in hindi

Surah mulk in hindi

Surah mulk in hindi

जो भाई Arabic text में कुरान नहीं पढ़ पाते है उनके लिए आज surah mulk hindi text me likha hua पोस्ट कर रहे हैं वो सुरह अल मुल्क को पढ़ सकते है।

बिस्मिल्ला हिर्रह्मनिर्रहिम

तबाराकल्लाजी बियादीहिल मुल्कु वहूवा अला कुल्ली शएंयिन कदीर

अल्लजी खलाकल मौता वल हयाता लियाबलुवाकुम अय्यूकुम अहसानु अमाला अहुवल अज़ीजुल गफ़ूर।

अल्लजी खलाका सबाआ समावतिन तिबाका मा तरा फ़ी खलकिर रहमानी मिन तफाउत फर्जियिल बसारा हल तरा मिन फुतूर

सुम्मर जीयिल बसारा कर्ररतैनी यानकलीबु इलाईकल बसारू खाशिऔं वहूवा हसीर ।

वलाक़द ज़य्यन्नस समााआद्दुनिया बिमासा बीहा वजा अलनहा रूजूमल लिश्शयातीन वआ तदना लहुम अजाबस सईर।

वालिल्लाजिना कफारू बिराब्बिहिम आजबु जहान्नमा वा बीसल मसीर।

इज़ा उलकू फीहा समिऊ लहा शहीकनवं वहिया तफूर।

तकादु तमाय्यजु मिनल गैज कुल्लमा उल्किया फीहा फौजुं सआलाहुम खाजानतुहा अलम यातिकूम नजीर।

कालू बला कद जाअना नजीरूं फकज़्ज़बना वकुलना मा नज्जलललाहू मिंन शय इन अंतुम
इल्ला फी जलालिनं कबीर।

वकालु लव कुन्ना नस्मऊ औे नआकिलु मा कुन्ना फी असहाबिस सयीर

फातराफु बिज़नंबिहिम फसुहकल लियसहाबिस सईर।

इन्नललजिना यख्शौना रब्बाहुम बिलगैबी लहुम मगफिरातुं वा अजरून कबीर।

वा असिर्रू कौलाकुम अविजहरु बिही इन्नहु अलीमुम बिजतिस सूदूर।

अला यालामु मन खलक़ वहुवल लतीफुल खबीर।

हुवललज़ी जाआला लकुमुल अर्जा जलूलन फामशू फी मनाकिबिहा वकुलू मिर रिज्किही वा इलैहिन नुशूर।

आ आमिंतुम मन फीस समाई अंय यखसिफा बीकुमुल अरजा फइज़ा हिया तमूर

अम अमिंतुम मंन फिस्समाई अंय युरसिला अलैयकूम फइज़ा हासिबन फसातालामूना कईफा नज़ीर।

वलाकद कज्जबल्लजीना मिन क़ब्लिहिम फकईफ़ा काना नकीर।

अवालम यराऊ इलत्तयरी फौकाहुम साफ्फातिंव वयकबिज्न मा युम्सिकुहुन्ना इल्लर रहमानु इन्नहु बिकुल्ल शैइंम बसीर

अम्मन हाजल्लजी हुआ जुंदुल लकुम यनसुरुकुम मिन दूनिर रहमानी इनिल काफिरूना इल्ला फी गुरुर।

अम्मन हाजाल्लजी यार्जुकुकुम इन अमसका रिज्कहु बल लज्जु फी उतुव्विंव वा नुफ़ूर।

अफा मइंय यमशी मुकिब्बन अला वजहिहि अहदा अम्मय यमशी सविय्यन अला सिरतिम मुस्तकीम।

कुल हुवाल्लजी अंशाआकुम वजाअला लकुमु्स समआ वल अफइदता कलीलम मा तश्कुरून।

कुल हुवललजी ज़राआकुम फिल अरजी वईलईहि तुहशरून।

वया कूलूना मता हाज़ल वआदू इन कुंतुम सादिकीन।

कुल इन्नमल इलमु इंदाल्लाह वाइन्नमा अना नज़ीरुम्म मुबीन।

फलम्मा राऊहु जुलफतन सीअत वुजूहुल्लजीना कफ़ारू वकीला हजाल्लजी कुंतुम बिही तद्दाऊन।

कुल अराअयतुम इन अहलकानियल्लाहु वमम् मईया अव रहिमाना फामैययुजीरुल काफिरीना मिन अजाबिल अलीम।

कुल हुवार्रह्मानू आमन्ना बिही वाअलैहि तवाकल्लना फसातालमूना मन हुआ फ़ी जालालिम मुबीन।

कुल अराअयतुम इन असबहा मा ऊकुम गौरन फमैयांतिकुम बीमाइम्म मुबीन।

Surah mulk ki fazilat


अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वल्लम ने फ़रमाया कि क़ुरान में 30 आयत को एक सूरह है जो शख़्स इस सूरत को पढ़ेगा उसके लिए अल्लाह के सामने इतनी शिफारिश करेगी कि उसकी बख़्शिश  हो जाएगी। वो सूरत अल मुल्क है ।


अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया जो इस सूरत को हर रात पढ़ेगा वो क़ब्र के अजाब से बचा रहेगा।

दोस्तो इस सूरत के इतने फायदे हैं कि अल्लाह के रसूल खुद हर रोज़ रात में सोने से पहले surah mulk को पढ़ कर सोते थे ।

इमाम निसाई रहमतुल्ला अलैह हज़रत इब्ने मसूद से नकल करते हैं कि यही वो सूरज है जो हर अजाब को रोकने वाली है और यही है जो अज़ाबे क़ब्र से निजात दिलाएगी।


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बिस्मिल्ला- हिर्रह्मनिर्रहीम

कुल आ ऊजू बिरब्बिल फलक

मिन शर्री मा खलक़

वा मिन शर्री गासिकिन इजा वकब

वा मिन शर्रीन नाफ्फासाती फिल उकद

वा मिन शर्री हसिदिन इज़ा हसद

तर्जुमा

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

कह दो कि मैं सुबह को पैदा करने वाले रब की कसम खाता हूं

उसकी पैदा की हुई हर तरह के मखलूक के शर से बचने के लिए

और अंधेरी रात के शर से जब वो सिमट कर चा जाए

और गंडों पर फूंक मारने वालियों के शर से बचने के लिए

और हसद करने वालों के शर से जब वो हासद करें

तफसीर

Surah falaq में इस बात का ज़िक्र है कि एक बार एक यहूदी ने हज़रत मुहम्मद सल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम पर जादू कर दिया जिसकी वजह से आप बीमार हो गए। हज़रत जिबरील आए और आप को बताया कि आप पर एक यहूदी ने जादू किया हुआ है।आप सुरह फलक और सुरह नास की तिलावत करें। इससे जादू का असर खत्म हो जायेगा, रसूल सल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया जो शख्स इं दोनों सूरतों को पढ़े गए अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त उसको जादू के असर से हिफाज़त अता करेगें।

Surah falaq ki fazilat

हज़रत उकबा बिन आमिर राजिअल्लाहू ताला अन्हू फरमाते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:-“तुम हर नमाज़ के बाद सूरह नास और सूरह फलक पढ़ लिया करो।

Surah falaq के बहुत सी फजीलत आयी है अल्लाह के रसूल जब कभी बदन में कुछ बुखार या दर्द में मुब्तिला होते तो आप सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम अपने ऊपर सूरह फलक , सूरह नास ,और सूरह इखलास पढ़ कर दम फरमाते थे

Surah falaq ka wazifa

जब किसी को बुखार आए तो उस आदमी पर सूरह फलक और सूरह नास पढ़ कर दम कर दें बहुत ही जल्द शिफा मिलेगी।

अगर शैतान का वस्वसा आए या शैतान परेशान करता हो तो इस सूरत को पढ़ता रहे जल्द ही राहत मिलेगी।

सोने से पहले इन दोनों सूरतों को और सूरह इखलास को पढ़ कर दम कर दिया जाए और पूरे बदन पर हाथ फेर लिया जाए ,इससे रात भर शैतान के वस्वसे से हिफाजत होती है।

जिन बच्चों को नज़र लग गई हो उन के उपर ये दुआ तीन मर्तबा पढ़ कर फूंक दे नज़र उतार जाएगी।

अगर किसी को सांप ने काट लिया है और दर्द बहुत जो रहा हो तो सूरह फलक, सूरह नास और सूरह काफिरून 3 से 7 मर्तबा पढ़ कर दम कर दे इंशाल्लाह जल्द ही राहत मिलेगी।

आज हमने surah falaq हिंदी के तरजुमे के साथ और उसकी फजीलत पर रोशनी डाली है अगर आपको Surah falaq in hindi में पढ़ कर अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें

Jazakallah hu khair

 

 

Surah kafirun in hindi text

surah kafirun in hindi text

Surah kafirun मक्के में उतरी (नाजिल) हुई।इसमें 6 आयतें हैं इस सूरत में अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम और मक्का के काफिरों के बीच अल्लाह की इबादत को लेकर कुछ समझौते के बारे में ज़िक्र किया गया है।आज हम Surah kafirun in hindi text में तर्जुमा और तफसीर के बारे में जानेंगे।

Surah kafirun in hindi text। सूरह काफिरून तर्जुमा के साथ

बिस्मिल्ला- हिररह्मनिर्रहीम

कुल या अय्यूहल काफिरून

ला आ- बुदू मा ता’बुदून

वला अंतुम आ बि दूना मा आबुद

वला अना आबिदुम मा आ बद्दतुम

वला अंतुम आ बि दूना मा आबुद

लकुम दीनुकुम वलिया दीन

तर्जुमा

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

(आप) कह दीजिए कि ऐ काफिरों (इनकार करने वालों)

ना मैं इबादत करता हूं उसकी जिसकी इबादत तुम करते हो

और ना तुम इबादत करने वाले हो उसकी जिसकी मैं करता हूं

और ना मैं इबादत करूंगा उसकी जिसकी तुम करते हो

और ना तुम उसकी इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत कर रहा हूं

तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन है,और मेरे लिए मेरा दीन है

तफसीर

Surah kafiron में मक्का के काफिर जो ईमान नहीं लाए थे अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम से कुछ एग्रीमेंट करना चाहते थे,मक्का के काफिर इस शर्त के साथ अल्लाह तआला की इबादत करने को तैयार थे कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम उन के बुत यानी मूर्ति की इबादत को कुबूल कर ले, लेकिन अल्लाह ने अपने हबीब हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम को हुक्म दिया कि आप साफ साफ उन कुफ्फार को बता दें की दीन के मामले में ऐसा कोई समझौता मुमकिन नहीं है,अगर तुम इस्लाम अपनाने के लिए राज़ी नहीं हो तो ये तुम्हारे लिए ज़बरदस्ती नहीं है तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन काफी है और मेरे लिए मेरा दीन काफी है|

Quran ko sahi tajweed ke sath padhna chahiye jo bhai arabic text me quran nahi padh sakte wo Surah kafirun in hindi text tarjuma aur tafseer ke sath padh kar basic knowlege le sakte hai.

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بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ

बिस्मिल्ला- हिर्रह्मनिर्रहीम

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो बहुत ही मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ

कुल आउज़ू बी रब्बिन्नास

आप कह दीजिए की मैं लोगों के पालनहार की पनाह में आता हूं

  مَلِكِ النَّاسِ

मलिकिन- नास

लोगों के मालिक की (और)

  إِلَٰهِ النَّاسِ

इलाहिन- नास

लोगों के माबूद की (पनाह में)

  مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ

मिन शर्रिल वास्वसिल खन्नास

वस्वसा डालने वाले और पीछे हट जाने वाले के शर से

  الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ

अल- लजी युवास्विसू फी सुदुरिन्नास

जो लोगों के दिलो में वस्वसा डालता है

  مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ

मीनल जिन्नती वन्नास

चाहे वो इंसानों में से हो या जिन्नातों में से

surah naas in hindi
surah naas in hindi

Surah naas ka khulasa

सूरह नास मक्के में नज़िल हुई । इसमें 6 आयतें हैं। और 1 रुकु है। ये आयत उस वक़्त नाज़िल हुई जब आप सल्लालालाहु अलैहि वसल्लम ने अल्लाह के हुक्म से जब लोगों को इस्लाम की दावत देनी शुरू की तो सारे मुशरिकीन ,यहूदी, मुनाफ़िक़ आप पर टूट पड़े।

चूंकि हर घर से किसी ना किसी ने इस्लाम क़ुबूल किया जिस की वजह से हर घर वालों में और दीन हक़ के ख़िलाफ़ गुस्सा वा नफ़रत की आग़ भड़क उठी।

इस सूरत में अल्लाह को उसकी 3 सिफ़ात से याद करके उसकी पनाह मांगने के बारे में बताया गया है।

एक ये की अल्लाह तअाला का सारे इंसानों का रब और परवरदिगार होना।

दूसरे ये की दुनिया के सारे इंसानों का बादशाह होना।को सारी दुनिया को चलता है। सारे दुनिया का निज़ाम को अपने कन्ट्रोल में लिए हुए है।

तीसरे ये की अल्लाह इंसानों का हकीकी (वास्तविक) रब होना। यानी अल्लाह ही है जो अपने बंदों की हिफाजत करने पर कादिर है, जो उसे हर तरह की तकलीफ़ और परेशानी से छुटकारा देता है इसी वजह से surahnaas में बताया गया है कि अल्लाह ही है जिस से पनाह मांगी जा सकती है।

Surah naas में अल्लाह तआला फरमाता है कि उस बुराई डालने वालों के हटकंडे और शर से पनाह मंगो जो लोगों को अच्छे कामों से रोकने और बुरे काम की तरफ लाने के लिए अपने गलत तरीक़े से लोगों को भड़कता है।

पनाह मांगों उन सब लोगों से चाहे वो इंसानों में से हो चाहे जिन्नातों में से हो जो सच्चे रास्ते से लोगों को गलत रास्ते की तरफ भड़कते है ताकि वो सीधी राह से हट जाए और जहन्नुम में का गिरे।

मोमिन की शान है कि वो हर शर और फितने से सिर्फ अल्लाह की पनाह मांगता है।और हर बात अल्लाह ही को अपना मददगार मानता है।

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Surah fatiha in hindi

surah fatiha in hindi

Surah fatiha in hindi with translation। सूरह फातिहा हिंदी तर्जुमा के साथ

 

सूरह फातिहा मक्के में नाजिल हुई है। इसमें 7 आयतें हैं। सूरह फातिहा एक ऐसी मुकम्मल सूरत है जो की अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के ऊपर एक बार में नाजिल हुई। आज का ये टापिक Surah fatiha in hindi तर्जुमा के साथ English text और Arabic text में भी पढ़ेगें।

  

bismilla hirrahmanirraheem

शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो बहुत ही मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है

alhumduli llahi rabbil alameen

सारी तारीफें उस अल्लाह के लिए है जो सारे जहानों का पालनहार है

ar-rahmanirraheem

बड़ा मेहरबान निहायत रहम करने वाला है

maliki yaumiddin

कयामत के दिन का मालिक है

iyyaka nabudu

  हम सिर्फ़ तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ से ही मदद चाहते हैं

ihdinassiratal mustaqeem

हमें सीधी और सच्ची राह दिखला

siratal

उन लोगों की राह पर जिन पर तूने इनाम फ़रमाया

gairil

उनकी नहीं जिन लोगों पर तेरा ग़ज़ब हुए और ना उन पर जो गुमराह हुए।

Surah fatiha in hindi text

अऊज़ बिल्लाहि मिनश्शयतानिर्रजीम

  • पनाह मांगता हूं मैं अल्लाह की शैतान मर्दूद से

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

  • शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला है

 

  • अलहम्दुलिल्लाहि रब्बिल आलमीन,

सारी तारीफें उस अल्लाह के लिए है जो सारे जहानों का पालनहार है

  • अर्रहमानिर्रहीम,

बड़ा मेहरबान निहायत रहम करने वाला है

  • मालिकि यौमिद्दीन

कयामत के दिन का मालिक है

  • इय्या कनअबुदू व इय्या कनस्तईन,

हम सिर्फ़ तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ से ही मदद चाहते हैं

  • इह्दिनस्सिरातल मुस्तकीम,

हमें सीधी और सच्ची राह दिखला

  • सिरातल्लजीना अन्अम्त अलैहिम,

उन लोगों की राह पर जिन पर तूने इनाम फ़रमाया

  • गैरिल मग्दूबि अलैहिम वलद्दाल्लीन,

उनकी नहीं जिन लोगों पर तेरा ग़ज़ब हुए और ना उन पर जो गुमराह हुए।

 

Surah fatiha in English text:-

 

  • Bismilla-hirrahmanir-rahim
  • Alhumdulillahi rabbil alameen

  • Ar-Rahmanir raheem
  • Maliki yaumiddin
  • Iyyaka na’budu wa iyyaka nastaieen
  • Ihdinas siratal mustaqeem
  • Siratal lazina an amta alaihim
  • Gaiyril magzoobi alaihim
  • walaz zuaalleen

Allah hum sab ko quran ki rozana tilawat karne ki taufeeq ata farmaye .

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jazakallah hu khair

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