Surah Teen in hindi with translation

Surah Teen in hindi with translation

आज के इस टॉपिक Surah Teen in hindi with translation में हम सूरह तीन को हिंदी में तर्जुमा और तफसीर के साथ पढ़ेंगे और जानेंगे की अल्लाह ने इस सूरह में क्या फरमाया है। Surah Teen मक्के में नाजिल हुई इसके नाजिल होने का दौर भी मक्के का शुरुआती दौर है इसमें 8 आयतें और 1 रुकु ।

Surah At-Teen in Arabic

 

surah teen in hindi text

अ ऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम

बिस्मिल्ला हिर रहमानिर रहीम

1- वत तीनि वज़ ज़ैतून

2-वतूरि सीनीन

3- व हाज़ल बलादिल अमीन

4- लक़द खलक नल इन्साना फ़ी अहसनि तक़वीम

5- सुम्मा रदद नाहू अस्फला साफिलीन

6- इल्लल लज़ीना आमनू व अमिलुस सालिहाति फ़लहुम अजरुन गैरु ममनून

7- फ़मा युकज्ज़िबुका बअ’दू बिददीन

8- अलैसल लाहू बि अह्कमिल हाकिमीन

Surah Teen hindi translation

1- क़सम है इन्जीर और ज़ैतून की

2- और सहराए सीना के पहाड़ तूर की

3- और इस अम्नो अमान वाले शहर की

4- हम ने इंसान को बेहतरीन सांचे में ढाल कर पैदा किया है

5- फिर हम उसको पस्त से पस्त तर कर देते हैं

6- हाँ जो लोग ईमान लाये और नेक अमल किये तो उनको ऐसा अज्र मिलेगा जो कभी ख़त्म नहीं होगा

7- फिर ए इंसान वो क्या चीज़ है जो तुझे जज़ा व सज़ा को झुटलाने पर आमादा कर रही है

8- क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़े हाकिम नहीं हैं

Surah Teen ki tasfeer

Surah Teen in hindi with translation में अल्लाह ने इस सूरह में चार चीजों की कसम खाई है 2 फलों की और दो जगह की। दो फल यानी अंजीर और जैतून दो जगह यानी कोहे तूर पहाड़ और मक्का मुकर्रमा ।

इस सूरत में बहुत ही मुख्तसर और अच्छे तरीके से लोगों को समझाया गया है कि आखिरत की जजा और सजा जरूरी है इस सूरत मे अल्लाह ताला फरमाता है कि हमने इंसान को बहुत ही बेहतरीन सांचे में ढाला है, ऐसे अच्छे सांचे में ढाला और साथ ही साथ इल्म और अकल की बेहतरीन काबिलियत दी, जो कि दूसरे जानदार लोगों (मखलूक) को नहीं दी.

फिर इसी में से नबियों जैसे बुलंद तरीन लोग हैं यानी नबी आए सहाबा किराम आए, अंबिया किराम, और बहुत से ऊंचे दर्जे के लोग इसी मखलूक में पैदा हुए। इसीलिए अल्लाह ताला सबसे पहले अंबिया किराम की कसम खाकर यह फरमाया गया है इंसान को हमने बेहतरीन सांचे पर पैदा किया गया है

एक तो शाम और फिलीस्तीन का इलाका जहां बहुत ज्यादा अंजीर और जैतून पैदा होते हैं जहां इब्राहिम अलैहिस्सलाम से लेकर बहुत से अंबिया आए।

कोहितूर यानी (toore seena) एक पहाड़ी का नाम है जहां मूसा अलैहिस्सलाम को नबूवत मिली।और तैरात नाजिल हुई।

मक्का शरीफ़ की बुनियाद इब्राहिम अलैहिस्सलाम और उसके बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम के हाथों पर हुई और इन्हीं की बदौलत काबा जो आज तक है और रहेगा। ये सारी नेमतें अल्लाह ने इसी मखलूक को दी है।

इसके बाद यह बताया गया है कि इंसान में दो किस्में पाई जाती हैं एक किस्म वह है जो इतने बेहतरीन सांचे पर पैदा होने के बाद बुराई का रुख करता है और उसका किरदार इस कदर बेकार हो जाता है कि इससे ज्यादा नीच कोई दूसरी मखलूक नहीं होती, जैसे इंसान अपने ही जैसे इंसानों को तकलीफ देने के लिए एटम बम, बंदूक, टैंक वगैरह का इस्तेमाल करता है ताकि पल भर में सब बर्बाद करदे। अपने दुश्मनी और कमीनापन की इंतिहा को पहुंचता है कि औरत और बच्चों को अपनी हवस का निशाना बनाता है बाप भाइयों और बहनों के सामने औरतो की इज्जत लूटते हैं, इंसान को जिंदा जला दिया जाता है जो एक वहशी जानवर भी नहीं करता, दरिंदा भी एक जानवर का शिकार करता है सारे जानवरों का कत्लेआम नहीं करता इंसान जो कि अशरफुल मखलूकात है इतना गिर जाता है और है यहां तक कि मजहब को भी इतना गिरा देता है और पेड़, जानवर, पत्थर को पूजने लगता हैं और मरे हुए लोगों से फरियाद करता है उससे मन्नत मांगता है और शिरक में मुब्तिला हो जाता है जबकि अल्लाह ताला ने सख्ती से मना किया है

जो इंसान अपनी बेहतरीन बनावट की दी हुई ताकतों को बुराई के रास्ते पर इस्तेमाल करता है तो अल्लाह ताला उसे बुराई की तौफीक देता है जो अपने ताकतों को ईमान लाकर नेक कामों में खर्च करता है तो वह बेहद अल्लाह का ही नेक बंदा बन जाता है

आखिर में जजा और सजा की हकीकत को खोलकर बयान किया है जब यह बात का यकीन हो गया कि इंसान में ऐसे दो ग्रुप पाए जाते हैं तो फिर अल्लाह ताला का इंसाफ का तकाजा भी यही है कि उन दोनो के साथ इंसाफ भी जरूर होगा यह कैसे मुमकिन है कि अल्लाह की अदालत में अच्छे और बुरे इंसान बराबर ही गिने जाएंगे जैसे दुनिया की अदालत ने भी मुजरिम जो होगा वह सजा उसको मिलेगी जो बेकसूर वार होगा उसको छोड़ दिया जाएगा इंसान की अकल और फितरत भी यही फैसला करती है। तो अल्लाह ताला जो हमारा खालिक और मालिक है हम सबका बड़ा हकीम है वो हमारे दरमियान इंसाफ नहीं करेगा?

इसलिए आखिरत का सवाल और जवाब सजा और जजा सब अल्लाह के यहां हिसाब किताब देंगे, इस दुनिया में जुर्म करके मुमकिन है पकड़े ना जाओ मगर अल्लाह के यहां मुजरिम की पकड़ जरूर होगी और अच्छे लोगों के लिए जबरदस्त इनाम दिया जाएगा।

Jazakallah hu khair

 

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