Qabristan Me Dakhil Hone Ki Dua

Qabristan Me Dakhil Hone Ki Dua

इस पोस्ट में Qabristan Me Dakhil Hone Ki Dua के बारे में बात करेंगे और यह भी जानेंगे जानेंगे कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने हमें कब्रिस्तान में दाखिल होने की क्या तालीम दी है .

Qabristan ke mutallaik hadees

रसूलउल्लाह (सलअल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम) लोगों को ता’लीम फ़रमाते थे कि जब वह क़ब्रिस्तान जाएँ तो कहें कि ऐ मोमिनों व मुसलमानों के घर वालों तुम पर सलाम हो और इन शा’ अल्लाह हम भी तुम से ज़रूर मिलने वाले हैं, हम अल्लाह से अपने और तुम्हारे लिए आफ़ियत माँगते हैं।
[Mishkaat Shareef, Pg:154]

जब कब्रिस्तान में दाखिल हो तो यह दुआ पढ़े

اَلسَّلَامُ عَلَیْکُمْ اَھْلَ الدِّیَارِ مِنَ الْمُؤْمِنِیْنَ وَالْمُسْلِمِیْنَ ،وَاِنَّااِنْ شَآئَ اللّٰہُ بِکُمْ لَلاَحِقُوْنَ أَسْأَلُ اللّٰہَ لَنَا وَلَکُمُ الْعَافِیَةَ۔

Assalamualaikum ya ahlad diyaar minal mu’mineena wal muslemeen.wainna insha allahu bikum lahiqoon.asalullahu lana walakumul aafiya.

Trajuma:-

Aye Momino! tum per salam ho, hum aapke paas jald hi aane wale hain,apne liye aur aapke liye allah se khariyat aur aafiyat talab karte hain.
اے مؤمنو !تم پر سلام ہو ،ہم آپ کے پاس جلد آنے والے ہیں ، اپنے لئے اور آپ کے لئے اللہ تعالیٰ سے عافیت وخیریت مانگتے ہیں

Qabristan Me Dakhil Hone Ki Dua
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फिर दरूद शरीफ पढ़ें 3 या 5 या 7 या 11 बार

इसके बाद जिस कदर हो सके कुरान शरीफ की तिलावत करें जैसे सूरह यासीन, सूरह मुल्क,चारो कुल, सूरह फातिहा,अलिफ लाम मीम से मुफ्लिहून तक और आयतल कुर्सी और आखिर में दरूद शरीफ पढ़ कर ईसाले सवाब करें।

अफजल तो यह है कि ऐसा ले सवाब में सब मोमिन वह मम्मी नाथ का नाम शामिल कर ले किसी एक को भी ना छोड़े इसका पूरा सवाब मिलेगा।

NOTE:-

औलिया e किराम की मजारों की जिया जियारत करना जायज है लेकिन उनकी मजारात को बोसा यानी चूमना नहीं चाहिए

कब्र को सजदा करना हराम है अगर इबादत की नियत से हो तो कुफ्र है इन सब चीजों का खास ख्याल रखकर कब्र की जियारत करना चाहिए।

अल्लाह हम सबको कहने सुनने से ज्यादा अमल की तौफीक अता फरमाए आमीन

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