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Dua e istikhara

Dua e istikhara

जब कोई शख़्स किसी नेक काम का इरादा करे तो उसको चहिए को वो काम करने से पहले अल्लाह की मर्ज़ी को मालूम कर ले। तो आज हम Dua e istikhara के बारे में janenge.

Shadi ke liye istikhara karna

बहुत से लोग ये समझते हैं कि Dua e istikhara सिर्फ शादी के लिए किया जाता है लेकिन ये कहना ग़लत है जब भी ज़िंदगी में कोई नेक काम का इरादा करे जैसे कोई बिजनेस शुरू करने से पहले,या कोई प्रोपर्टी खरीदने से पहले या शादी के लिए रिश्ता तय करने से पहले भी Dua e istikhara करके अल्लाह कि मर्ज़ी मालूम किया जा सकता है।

हदीसों में आया है की जब कोई आदमी किसी काम का इरादा करे तो 2 रकत नमाज़ नफिल पढ़े जिसकी पहली रकत में surah fatiha पढ़ने के बाद Surah kafirun और दूसरी रकात में Surah fatiha ke baad surah ikhlaas यानी कुल हुव ल्लाहु अहद पढ़े। फ़िर ये दुआ पढ़े और और किब्ले की तरफ सर करके सो जाए दुआ के शुरू और आखिर में surah fatiha और Durood Shareef भी पढ़े।

Istikhara ki Dua। इस्तिखारा की दुआ।

Dua e istikhara in Arabic text

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَخِيرُكَ بِعِلْمَكَ، وَأَسْتَقْدِرُكَ بِقُدْرَتِكَ، وَأَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ الْعَظِيمِ، فَإِنَّكَ تَقْدِرُ وَلَا أَقْدِرُ، وَتَعْلَمُ، وَلَا أَعْلَمُ، وَأَنْتَ عَلَّامُ الْغُيُوبِ، اللَّهُمَّ إِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ- خَيْرٌ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي- عَاجِلِهِ وَآجِلِهِ- فَاقْدُرْهُ لِي وَيَسِّرْهُ لِي ثُمَّ بَارِكْ لِي فِيهِ، وَإِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ شَرٌّ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي- عَاجِلِهِ وَآجِلِهِ- فَاصْرِفْهُ عَنِّي وَاصْرِفْنِي عَنْهُ وَاقْدُرْ لِيَ الْخَيْرَ حَيْثُ كَانَ ثُمَّ أَرْضِنِي بِهِ।

Dua e istikhara
Dua e istikhara

Dua e istikhara in hindi

अल्ला हुम्मा इन्नी अस्तखीरुका बि इल्मिका वा अस्तकदिरुका बि कुद्रतिका वा अस अलुका मिन फजलिकाल अज़ीम फा इन्नका तकदिरू वला आ लमु वा अंता अल्लामुल ग्यूब। अल्ला हुम्मा इन कुंता ता लमू अन्ना हाज़ल अम्र खैरुल ली फी दीनी वा म आशी वा आकिबती अमरी वा आजिलि अमरि वा आजालिही फ़ा अकदिरहू ली वा यससिरहू ली सुम्मा बारिक ली फ़ीह वा इन कुंता तालमु अन्ना हाज़ल अमरा शर्रुल ली फि दीनी वा मा आशी वा आकिबती एमरी वा आजिल एमरी वा आजिल्हू फसरिफ़ हू अन्नी वसरिफनी अनहू वा अकदिर लियल खैरा हयसू काना सूम्मा रज्जनी बिहि।

नोट- दोनों अमर की जगह अपनी ज़रूरत का नाम लेे।जैसे पहले में कहें hazaj safaru khyrul li कहे और दुसरे में कहे hazas safaru sharru li ।

Istikhara ki Dua in English

Allaahumma ‘innee ‘astakheeruka bi’ilmika, wa ‘astaqdiruka biqudratika, wa ‘as’aluka min fajhilikal-‘Adheemi, fa’innaka taqdiru wa laa ‘aqdiru, wa ta’lamu, wa laa ‘a’lamu, wa ‘Anta ‘Allaamul-Ghuyoob, Allaahumma ‘in kunta ta’lamu ‘anna haazal-‘amra Khayrun lee fee deenee wa ma’aashee wa ‘aaqibati ‘amree  Faqdurhu lee wa yassirhu lee summa baarik lee feehi,

wa ‘in kunta ta’lamu ‘anna haazal-‘amra sharrun lee fee deenee wa ma’aashee wa ‘aaqibati ‘amree, Fasrifhu ‘annee wasrifnee ‘anhu waqdur liyal-khayra haythu kaana thumma ‘ardhinee bihi.

नोट

Dua e istikhara कम से कम 7 बार करे और फिर देखे जिस बात पर दिल जम जाए उसी में खैर है कुछ लोगो का कहना है कि अगर ख्वाब में सफेदी या हरा रंग देखे तो अच्छा है और अगर स्याही या लाली देखे तो बुरा है उस से बचे।

तो आज हमने Dua e istikhara के बारे में जाना अगर इससे जुड़ा हुआ आपके में में कोई सवाल है तो आप कॉमेंट करके पूछ सकते हैं।

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